शासन ने बरेली-आगरा-झांसी-ललितपुर कॉरिडोर को हरी झंडी दे दी है। बरेली होते हुए गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। इसके लिए टोकन मनी भी जारी हो गई है। गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे नवाबगंज और बहेड़ी तहसील के 68 गांवों से होकर गुजरेगा। अब शासन की योजना गंगा, यमुना और गोरखपुर–पानीपत एक्सप्रेसवे को आपस में कनेक्ट करते हुए विशाल कॉरिडोर बनाने की है।

प्रदेश के 12 जिलों से होते हुए गुजरने वाला 594 किलोमीटर लंबा मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे बदायूं के बिनावर में बरेली-मथुरा हाईवे को कनेक्ट करता है। बदायूं में ही गंगा एक्सप्रेसवे मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे से भी जुड़ता है। बरेली-मथुरा हाईवे वृंदावन के पास यमुना एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करता है। चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा से होकर गुजरने वाला 296 किमी लंबा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे यमुना एक्सप्रेस वे को कनेक्ट करता है। गोरखपुर–पानीपत एक्सप्रेसवे के लिए बजट मिल चुका है।

 

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। बरेली-आगरा-झांसी-ललितपुर कॉरिडोर के लिए शासन ने सात हजार करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। प्रदेश से गुजरने वाले सभी एक्सप्रेसवे, नेशनल और स्टेट हाईवे अगले पांच साल में एक-दूसरे से जुड़ जाएंगे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के एक परियोजना निदेशक ने बताया कि तीनों संस्थाएं मिलकर कॉरिडोर पर काम करेंगी। 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें