राजधानी से गिरफ्तार की गई बांग्लादेशी नरगिस अख्तर का अधार कार्ड और पासपोर्ट अभी भी सक्रिय है। गिरफ्तारी के डेढ़ महीने बाद भी न तो पुलिस और न ही एटीएस ने इन दस्तावेजों को निरस्त करवाने के लिए संबंधित विभागों को रिपोर्ट भेजी।

एटीएस ने 29 नवंबर 2025 को ठाकुरगंज इलाके से निर्मला देवी नाम की महिला को पकड़ा था। तफ्तीश में सामने आया निर्मला देवी का असल नाम नरगिस अख्तर है। वह बांग्लादेश की रहने वाली है। गोसाईंगंज निवासी उसके साथी हरिओम आनंद ने उसके सभी दस्तावेज निर्मला देवी के नाम से बनवाए थे। 

उसके पास बरामद आधार कार्ड (733213083566) सही पाया गया। मतलब यूआईडीएआई के सिस्टम में इस आधार का डाटा उपलब्ध है। वोटर कार्ड के जरिये आधार कार्ड बनवाया गया था। वहीं पासपोर्ट (w7948844) भी 2033 तक वैध है। यूआईडीएआई ने खुद से संज्ञान लेकर मामले में तहकीकात शुरू की है। जिससे आधार कार्ड निरस्त किया जा सके। स्थानीय पुलिस और एसटीएफ ने संबंधित विभागों से जानकारी साझा नहीं की।

आशियाना पुलिस भी सवालों के घेरे में

पासपोर्ट आशियाना के पते पर बना है। आशियाना पुलिस ने इसमें रिपोर्ट लगाई है। ऐसे में आशियाना पुलिस भी सवालों के घेरे में है कि आखिर उसने रिपोर्ट लगाने से पहले कैसे छानबीन की थी कि वह महिला की जालसाजी नहीं पकड़ सकी।



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