हाथरस के सादाबाद इलाके के गांव मड़नई की बेटी सीमा व उसके परिवार के साथ हुई दिल दहला देने वाली घटना से सभी सन्न हैं। अंतिम संस्कार कर देर रात लौटे सीमा के पिता ने बताया कि उनका दामाद बेटे जैसे था। वह मंगलवार की सुबह दवा दिलवाने के लिए आ रहा था, लेकिन सुबह पूरे परिवार की मौत की खबर आई।

सीमा के पिता विजेंद्र ने बताया कि 2016 में उन्होंने बेटी सीमा की शादी मनीष से की थी। खेतीबाड़ी अच्छी थी और परिवार में ऐसी कोई कमी नहीं थी, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो। शनिवार को वह पत्नी वीरेन को दवा दिलाने के लिए मथुरा गए थे। 




Trending Videos

mathura murder and suicide Son-in-law was like a son, he took care of us Manish father-in-law revealed secret

विलाप करते परिजन
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


वहां से लौटकर बेटी सीमा के घर गांव खप्परपुर में रुक गए थे। रविवार को वहां ठहरने के बाद सोमवार की शाम को लौटे। विजेंद्र ने बताया कि इस बीच मनीष या सीमा ने ऐसी कोई बात नहीं बताई, जिससे लगे कि वे परेशान हैं। सभी सामान्य थे। 

 


mathura murder and suicide Son-in-law was like a son, he took care of us Manish father-in-law revealed secret

किसान मनीष और सीमा की फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


‘बेटी को विदा करने के बाद से ही बीमार रहने लगी थीं पत्नी’

विजेंद्र ने बताया कि उन पर एक ही बेटी थी। उसे पहले एक बेटा हुआ था, जो जन्म लेते ही खत्म हो गया था। बेटी को विदा करने के बाद से ही पत्नी बीमार रहने लगी थीं। तीन साल पहले उन्हें फालिज की परेशानी हुई, तब से वे बीमार चल रही थीं। 

 


mathura murder and suicide Son-in-law was like a son, he took care of us Manish father-in-law revealed secret

जांच करती पुलिस
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


कुछ ठीक होने के बाद पिछले सप्ताह उन्हें फिर से फालिज का अटैक आया। इस पर मनीष ने ही उन्हें मथुरा दिखाया था। जब भी दवा लेने जाना होता था तो मनीष साथ जाता था। लाभ न होने पर सोमवार को उसने वादा किया था कि वह मंगलवार को आएगा और दूसरी जगह दिखाएगा। 


mathura murder and suicide Son-in-law was like a son, he took care of us Manish father-in-law revealed secret

विलाप करते परिजन
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


‘बेटे से भी बढ़कर ख्याल रखता था’

फफकते हुए विजेंद्र ने कहा कि वह बेटे से भी बढ़कर ख्याल रखता था, लेकिन कभी अपनी परेशानी बयां नहीं की। विजेंद्र ने कहा कि सीमा व उसका परिवार ही हमारे जीने का सहारा था।

 




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें