चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में दर्ज पतों की दशकों पुरानी गड़बड़ी को ठीक करने के निर्देश दिए हैं। ईआरओ और बीएलओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयोग ने बूथ विभाजन में नियम उल्लंघन पर सख्ती दिखाई और बिना आधार मोबाइल लिंक करने की सुविधा भी स्पष्ट की।


UP: All Electoral Registration Officers (EROs) must correct the addresses recorded in the voter list; Election

प्रतीकात्मक फोटो
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क



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चुनाव आयोग ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को मतदाता सूची में दर्ज पतों को ठीक करने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा है कि यह गलती सभी मतदान केंद्रों की सूची में मौजूद है। सूची में विभिन्न असंबंधित व्यक्तियों के नामों के सामने मकान नंबर एक जैसा आ जाना बहुत ही आम गलती है। यह असंतोषजनक स्थिति एसआईआर की वजह से पैदा नहीं हुई है, क्योंकि गणना चरण में मतदाता के किसी भी विवरण को संशोधित नहीं किया गया है। बल्कि यह स्थिति तो दशकों से चली रही है।

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