प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई आगरा नगर निगम के मनोनीत सदस्यों की सूची का विरोध बढ़ता जा रहा है। मौजूदा पार्षद शरद चौहान के बाद अब विभिन्न जातीय संगठनों ने प्रतिनिधित्व न मिलने का हवाला देकर जबरदस्त नाराजगी जाहिर की है। क्षत्रिय संगठन ने जहां यूजीसी विवाद के बाद प्रतिनिधित्व न मिलने को जले पर नमक छिड़कना बताया है। वहीं, कोली व जाट समाज के नेताओं ने जानबूझकर नजरंदाज करने व पार्टी को सबक सिखाने की बात कही है।

Trending Videos



कोली समाज के संगठनों ने सूची में समाज के किसी भी नेता का नाम न आने पर नाराजगी जताते हुए समय आने पर भाजपा को सबक सिखाने की बात कही। कोली समाज उत्तर प्रदेश शाखा के पदाधिकारियों ने लोहामंडी स्थित जैन स्मृति भवन में इसको लेकर बैठक की। इस दौरान संगठन के उपाध्यक्ष बंटी माहौर ने सूची में जातीय प्रतिनिधित्व को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। कहा कि आगरा में कोली समाज की जनसंख्या 1.50 लाख से अधिक होते हुए भी समाज को नजरअंदाज किया गया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें