महिला का शोषण करने के केस में कांग्रेस के महानगर उपाध्यक्ष जलालुद्दीन ने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। हाईकोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर 11 नवंबर को रिहाई के आदेश दे दिए। मंगलवार को मामले शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने बैठक की। आरोपों को निराधार बताया।
थाना शाहगंज में दर्ज केस के अनुसार पीड़ित महिला ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि भाइयों से विवाद होने पर वर्ष 2019 में वह दीवानी न्यायालय गई थीं। तब आरोपी जलालुद्दीन से मुलाकात हुई। उसने खुद को अधिवक्ता बताया। मदद का भरोसा दिया। वह घर आने लगा। सितंबर 2019 में दवा दिलाने के बहाने वह उसे अपने साथ ले गया।
कलेक्ट्रेट से पहले पुराने कांग्रेस कार्यालय में दुष्कर्म किया। बदनाम करने की धमकी दी। इसके बाद कई बार शारीरिक शोषण किया। अब वो धर्मांतरण और निकाह का दबाव बना रहा था जबकि वो पहले से ही विवाहित है। पति विकलांग हैं। पुलिस ने 4 जुलाई को केस दर्ज किया था।