परिवहन विभाग में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने, प्रिंटिंग और डिलीवरी का काम देख रही तीन निजी एजेंसियों में से एक फोकाम नेट पर प्राइवेट कर्मचारियों की भर्ती में धांधली और वसूली का गंभीर आरोप लगा है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मुख्तार अंसारी के गुर्गे राशिद फारुकी को कंपनी में नियुक्त कर पैसा लेकर निजी कर्मियों की नियुक्ति की जा रही है और उनसे मोटी रकम वसूली जा रही है।
प्रदेशभर में डीएल बनाने, प्रिंटिंग और डिलीवरी का काम तीन निजी एजेंसियों सिल्वर टच, फोकाम नेट और रोजमार्टा को सौंपा गया है। फोकाम नेट के पास कानपुर और आगरा जोन के 25 जिले आते हैं, जहां कंपनी ने 125 प्राइवेट कर्मचारियों की नियुक्ति की है। आरोप है कि इन नियुक्तियों में भारी रकम वसूली गई, लेकिन परिवहन अधिकारी चुप्पी साधे रहे। सूत्र बताते हैं कि मुख्तार अंसारी के गुर्गे ने अकेले मऊ जिले के दर्जनों कर्मचारियों को डीएल बनाने के काम में नियुक्त कर दिया है। इन तैनातियों के एवज में मोटी रकम वसूली गई है।
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पगार से भी वसूली, फिर नौकरी से निकाला
सूत्रों के अनुसार, फोकाम नेट के मैनेजर तुषार गर्ग और सुभाष गिरि कर्मचारियों से उनकी तनख्वाह का एक हिस्सा वसूल रहे थे। कर्मचारियों को पहले 13 हजार रुपये देने और फिर वही राशि खातों में सैलरी के रूप में भेजने को कहा जा रहा था। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों से डीएल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटर, वेबकैम और अन्य सिस्टम खरीदने के लिए भी दबाव डाला गया। अमर उजाला ने 12 जनवरी इस पर खबर भी प्रकाशित की थी। जब कर्मचारियों ने वसूली की शिकायत की तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। ऐसे 15 निजी कर्मचारी अब मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। भाजपा नेता आकाश राय के पत्र का भी हवाला दिया गया है।
