सहारनपुर के सरसावा में संग्रह अमीन ने जो कदम उठाया उससे हर कोई कांप गया। सोमवार रात सरसावा की कौशिक विहार कॉलोनी में रहने वाले संग्रह अमीन ने पहले अपनी मां, पत्नी और दो बेटों की हत्या कर दी और फिर खुद को गोली मार ली। अपनी दो बहनों को 1:18 सेकंड का ऑडियो मैसेज भेज कर उसने इस बारे में बताया था।
बहनों को व्हाट्सएप पर जो ऑडियो मेसेज भेजे थे उसमें बार-बार किसी मजबूरी का जिक्र किया गया है। आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी, जिसके सामने पांच जानों की कीमत भी शून्य हो गई। यह सवाल हर किसी के जेहन में कौंध रहा है, पुलिस और परिजन भी इसका जवाब तलाश रहे हैं।

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संग्रह अमीन अशोक का फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
1 मिनट 18 सेकंड के ऑडियो में मांगी माफी
पुलिस के अनुसार, करीब छह-सात ऑडियो मैसेज मंगलवार तड़के 3:52 बजे भेजे गए। 1 मिनट 18 सेकंड के एक ऑडियो में कहा जा रहा है कि पिंकेश और मोना मैं माफी चाहता हूं, मैंने बहुत बड़ी गलती कर दी है। मैंने तुम्हारा भाई होकर बहुत गलत काम कर दिया है।

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कौशिक विहार में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के बाद शवो को पोस्टमार्टम के लिए ले जाती पुलिस
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
‘मैं मरता तो इन्हें कौन संभालता?’
मेरे सामने बहुत बड़ी समस्या थी। अगर केवल मैं मरता तो इन्हें कौन संभालता। मैंने सभी को साथ लेकर मरने का फैसला किया है। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है और मेरे बाद रक्षाबंधन, भैयादूज और भात धूमधाम से भरना।

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सरसावा में घर के बाहर लगी भीड़
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
‘मैं किसी को अपनी मजबूरी नहीं बता सकता था’
मेरे जाने का गम मत मनाना, जो काम मैंने छोड़े हैं वह तुम्हें पूरे करने हैं। मेरे जाने के बाद जो मेरा है वह सब तुम दोनों बहनों का है। मैं बहुत मजबूर हो गया था, मैं किसी को अपनी मजबूरी नहीं बता सकता था। मैं इतना मजबूर था कि अब अंत आ गया था, इसलिए मुझे मरना पड़ रहा है।

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अपनी मां विद्यावती और पत्नी अंजिता के साथ अशोक राठी। फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
‘मुझे जाना पड़ रहा है मेरी मजबूरी है’
मुझे माफ कर देना मेरी बहनों। मनीष भाई, जयवीर, मेरी दोनों बहनों और मेरे दोस्तों माफ कर देना, मुझे जाना पड़ रहा है मेरी मजबूरी है। अशोक के मकान से करीब 200 मीटर दूर बहन पिंकेश परिवार के साथ रहती है।
