
भगवान जगन्नाथ का मंदिर व गर्भगृह पर मानसूनी पत्थर में पानी की बूंदे
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घाटमपुर के भीतरगांव में बेहटा बुजुर्ग गांव के प्राचीन भगवान जगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह के शिखर पर लगे पत्थर से पानी की बूंदे टपकने से हर साल मानसून का संकेत मिलता है। इस बार भी जून का महीना शुरू होते ही मंदिर के शिखर पर लगा पत्थर पसीजने लगा है। रुक-रुक कर पानी की छोटी बूंदे टपकने लगी हैं। बूंदों के छोटे आकार से मानसून कमजोर रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। इलाके के लोग मानसून नजदीक मानकर घरेलू व खेती के काम निपटाने में जुट हैं।
बेहटा बुजुर्ग गांव स्थित प्राचीन भगवान जगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह के शिखर पर एक पत्थर लगा है। मान्यता है कि मई-जून की चिलचिलाती धूप व गर्मी के बीच पत्थर से पानी की छोटी-बड़ी बूंदे मानसून आने के लगभग 20 दिन पहले ही टपकने लगती हैं।बारिश शुरू होने के बाद पत्थर पूरी तरह सूख जाता है। जगन्नाथ मंदिर के पुजारी कुड़हा प्रसाद शुक्ला बताते हैं इस बार मानसूनी पत्थर का कुछ भाग ही पसीजा है। दो-तीन दिन से रुक रुक कर बूंदे भी टपक रही है।
