उत्तर प्रदेश के आईआईटी, आईआईएम और कुछ प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों को छोड़ दिया जाए तो काफी संस्थानों में छात्राओं को पर्याप्त हॉस्टल सुविधा नहीं मिल पाती है। कई बार इसकी वजह से उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होती है। इसको देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से हर जिले में एक महिला छात्रावास की स्थापना की घोषणा की गई है।
बजट में किए गए इस एलान के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों को एक-एक महिला छात्रावास मिलेगा। प्रदेश सरकार की ओर से हर मंडल में एक राज्य विश्वविद्यालय और हर जिले में एक निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना का लक्ष्य लगभग पूरा हो गया है।
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नहीं छूटेगी बेटियों की पढ़ाई: कई नए राजकीय इंजीनियरिंग संस्थानों की भी स्थापना की गई है। इसके साथ ही छोटे शहरों से बड़े शहरों में भी छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आती हैं। इन छात्राओं को हर जिले में एक छात्रावास बन जाने से काफी सुविधा मिलेगी। इससे बड़ी संख्या में बेटियां अपनी पढ़ाई सुचारू रख पाएंगी। प्रदेश में श्रम विभाग की ओर से कामकाजी महिलाओं के लिए भी इस तरह की सुविधा शुरू की गई है।