यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा देने वाले छात्रों को जल्द ही अंक सुधार (इंप्रूवमेंट) का मौका मिल सकता है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से इंटर के पांच में से एक विषय में इंप्रूवमेंट परीक्षा की व्यवस्था शुरू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस पर सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है।
इस व्यवस्था पर इंटर के छात्रों में खुशी का माहौल है। उनका कहना है कि ऐसा होता है तो अंकों के सुधार में मदद मिलेगी। इंटर के छात्र वीरू ने बताया कि व्यवस्था लागू होने से अंक की चिंता कम होगी। मेहनत कर दोबारा अच्छे नंबर ला सकते हैं। यूपी बोर्ड ने वर्ष 2020 से इंटरमीडिएट में कंपार्टमेंट परीक्षा की व्यवस्था लागू की थी। इसके तहत यदि कोई छात्र एक विषय में फेल हो जाता है तो वह कंपार्टमेंट परीक्षा देकर उसी विषय में पास हो सकता है।
हाईस्कूल में इंप्रूवमेंट और कम्पार्टमेंट की सुविधा पहले से लागू है। संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि इंटरमीडिएट में इंप्रूवमेंट परीक्षा शुरू होने से छात्रों को सुविधा मिलेगी। कई बार छात्र बीमार होने या किसी कारण से अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाते। ऐसे में उन्हें अंक सुधार का अवसर मिलना उनके भविष्य के लिए फायदेमंद साबित होगा।
सीबीएसई और सीआईएससीई में पहले से लागू
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) में पहले से ही इंप्रूवमेंट की व्यवस्था लागू है। वहां छात्र दो-दो विषयों में इंप्रूवमेंट परीक्षा दे सकते हैं।
