लखनऊ में पुलिस मंथन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीआईजी आगरा रेंज शैलेश पांडेय को सम्मानित किया। उन्हें यह सम्मान प्रयागराज में एसएसपी रहते हुए माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए दिया गया। उन्होंने 40 साल से बेखाैफ अपराध की दुनिया चला रहे अतीक अहमद के खिलाफ अभियान चलाया था। एक-एक कर उसकी 300 करोड़ की संपत्ति को जब्त कराया था। सजा दिलवाने में भी अहम भूमिका निभाई।

वर्ष 2023 में माफिया अतीक अहमद को पहली बार किसी मुकदमे में सजा सुनाई गई थी। उसे उमेश पाल अपहरण केस में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके साथ ही उसकी 300 करोड़ की संपत्ति को भी जब्त किया गया था। नवंबर 2022 तक प्रयागराज के एसएसपी शैलेश पांडेय थे।

उन्होंने अपने कार्यकाल में माफिया रहे अतीक अहमद की संपत्तियों को चिह्नित कराया था। इसके बाद इन संपत्तियों को जब्त कराने की कार्रवाई की थी। इसके अलावा उन्होंने गो-तस्कर मुजफ्फर पर कार्रवाई कराई थी। उसकी 70 करोड़ की संपत्ति को जब्त कराया था। कई के खिलाफ गैंगस्टर लगाया था। माफियाओं की कमर तोड़ दी थी।

मथुरा के एसएसपी रहते हुए कल्पतरु ग्रुप की 80 करोड़ से अधिक की संपत्ति को जब्त कराया था। उनके इन कार्यों की शासन स्तर पर सराहना हुई थी। इस पर ही उन्हें सम्मानित किया गया। डीआईजी शैलेश पांडेय सबसे पहले आगरा में सीओ लोहामंडी रहे थे। तब उन्होंने आगरा में कई गिरोह की धरपकड़ की थी।

 



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