यूपी के अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट को 400 वर्ष पुरानी रामायण मिल गई है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र शुक्रवार से निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे। इससे पहले मंदिर की प्रगति की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अयोध्या दौरे की अनौपचारिक सहमति मिल गई है।

नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि 19 मार्च को हिंदू नव वर्ष के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा। राष्ट्रपति राम मंदिर परिसर में लगभग 400 श्रमिकों को सम्मानित करेंगी। केंद्रीय संस्कृति विश्वविद्यालय, दिल्ली ने 400 वर्ष पुरानी वाल्मीकि रामायण सौंपी है। यह प्राचीन रामायण ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को दी गई है। यह वाल्मीकि रामायण अब राम मंदिर परिसर पहुंच चुकी है। 

उन्होंने बताया कि कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य ने राम यंत्र स्तोत्र सौंपा है। राम यंत्र स्तोत्र भी राम मंदिर पहुंच गया है। पवित्र ग्रंथों और धरोहरों को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। प्राचीन रामायणों के चयन के लिए एक विशेष समिति बनाई जाएगी। राम मंदिर ट्रस्ट इसके लिए जल्द सार्वजनिक विज्ञापन जारी करेगा।

आगे बताया कि रामलला के अस्थायी मंदिर को मेमोरियल के रूप में फरवरी के अंत तक तैयार किया जाएगा। राम मंदिर आंदोलन के शहीदों का स्मारक मार्च तक पूर्ण होगा। जबकि, अप्रैल के अंत तक एल एंड टी और टीसीएस अपना कार्य पूरा कर लौट जाएंगी। नृपेंद्र मिश्र दो दिनों तक निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *