आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग की आगरा में रोमसंस, अशोक गुप और हिक्स फैक्टरी व मालिकों के ठिकानों पर कार्रवाई जारी है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें फैक्टरी और आवास से मिले कंप्यूटर, सर्वर, हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन का पूरा डेटा क्लोन कर रही है। बताया जा रहा है कि कुछ कंप्यूटरों और फाइलों में पासवर्ड लगे होने के कारण जांच में बाधा आई, जिसमें साइबर विशेषज्ञों की मदद ली गई। डेटा एनालिसिस के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या कोई समानांतर अकाउंटिंग (कच्चा-पक्का खेल) तो नहीं चल रहा था।

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अलीगढ़ में आईटीआई रोड स्थित इंडस्ट्रियल एस्टेट फैक्टरी और कंपनी के प्रमोटर्स हरि प्रकाश गुप्ता व सिद्धार्थ गुप्ता के सेंटर प्वाइंट स्थित आवास पर कार्रवाई शुरू की थी। यह अब सबसे निर्णायक और अंतिम दौर में है। सभी जगह जांच दल का फोकस साक्ष्यों के मिलान पर रहा। सूत्रों के अनुसार, आयकर अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों, फैक्टरी मैनेजरों और अकाउंटेंट्स को आमने-सामने बिठाकर लंबी पूछताछ की जा रही है। घर से बरामद हुए कैश और जेवरातों का मिलान फैक्टरी के बहीखातों और स्टॉक रजिस्टर से किया जा रहा है, ताकि अघोषित संपत्ति का पता लगाया जा सके।

लॉकर में मिले निवेश के कागजात

आयकर विभाग की की टीमें बृहस्पतिवार को प्रमोटर्स को लेकर उनके बैंक लॉकर्स तक भी पहुंची। लॉकर में मौजूद कीमती सामान और निवेश संबंधी दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की गई है। साथ ही टीम ने एक विस्तृत पंचनामा तैयार किया जा रहा है, जिसमें जब्त किए गए नकद, आभूषणों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का ब्योरा दर्ज किया है। शुक्रवार को टीम छापे में जब्ती की अंतिम सूची जारी कर सकती है। कई महत्वपूर्ण फाइलों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को टीम ने कब्जे में ले लिया है। जिन संपत्तियों या दस्तावेजों का संतोषजनक हिसाब नहीं मिल पा रहा है, उन्हें विभाग द्वारा सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

 



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