राजधानी में अनुमानित 5000 करोड़ की लागत से बिजली के तारों भूमिगत किया जाएगा। बिजली महकमे को यह कार्य वर्ष 2030 तक पूरा करना पड़ेगा। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक (तकनीकी) हरीश बंसल ने लखनऊ के चारों जोनल मुख्य अभियंताओं से इस योजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तीन दिन में मांगी है।
शुक्रवार को निदेशक ने इस संबंध में मध्यांचल निगम मुख्यालय पर एक बैठक का आयोजन किया। इसमें जोनल मुख्य अभियंता अमौसी रामकुमार, लखनऊ मध्य के रवि कुमार अग्रवाल, जानकीपुरम के वीपी सिंह और गोमतीनगर के सुशील गर्ग ने तकनीकी टीम के साथ में शिरकत की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य रक्षामंत्री राजनाथ के संसदीय क्षेत्र में आने वाले पांचों विधान सभा क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तारों को भूमिगत करने का था।
निदेशक ने कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए सभी जोनल मुख्य अभियंताओं से अलग-अलग डीपीआर तैयार कर आगामी मंगलवार तक उपलब्ध कराने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि बिजली व्यवस्था में यह सुधार कार्य केंद्र की विशेष योजना के तहत होगा जिसका खर्च केंद्र सरकार उठाएगी।
