हादसे में देवबंद तहसील के कानूनगो अमित गौड़ (47) उनके भाई नितिन गौड़ (45) और माता सुशीला (70) की मौत हो गई थी। बचाव के लिए पहुंचा पड़ोसी आदित्य राणा भी आग की चपेट में आकर झुलस गया था। दोनों पक्षों की सहमति से पोस्टमार्टम के बाद तीनों शवों को तीर्थ के श्मशानघाट लाया गया।
करुण क्रंदन से माहौल गमगीन
ममेरे भाई अर्पित शर्मा ने दोनों भाइयों और अपनी बुआ की चिता को मुखाग्नि दी। तीन चिताएं जलने लगीं तो ऋचा और उसकी बेटी अक्षिका और आराध्या के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया। साथ आई महिलाओं ने किसी तरह तीनों को संभाला।
आंखों से बहते आंसू परिवार की पीड़ा बयान कर रहे थे। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, भाकियू के मंडल अध्यक्ष योगेश शर्मा, देवबंद तहसील के नायब तहसीलदार राकेश कुमार, राजस्व निरीक्षक संजीव शर्मा, प्रवेश त्यागी और लेखपाल भूपेंद्र ने परिजनों को सांत्वना दी।
अपने मायके वजीराबाद चली गईं ऋचा
ऋचा के पिता लोकतंत्र सेनानी प्रेम प्रकाश शाहपुर के सरस्वती शिशु मंदिर में प्रधानाचार्य रहे। अपने परिवार के साथ शाहपुर और बुढ़ाना में रहते थे। सेवानिवृत्त होने के बाद से वह मोरना क्षेत्र के अपने पैतृक गांव वजीराबाद में रह रहे हैं।




