टपकती लार, विकृत चेहरा और खाने-पीने में परेशानी… इन दुश्वारियों से जूझ रही आग से झुलसी महिला को एसएन मेडिकल कॉलेज में सर्जरी के बाद नया जीवन मिला। तीन घंटे तक चिकित्सकों ने सर्जरी की। 10 दिन भर्ती रखने के बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया।

प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. पुनीत भारद्वाज ने बताया कि बाह की 32 साल की महिला सात-आठ साल पहले जल गई थी। इससे गर्दन-होंठ और ठोड़ी तक की खाल चिपककर लटक गई थी। महिला को खाने-पीने के साथ ही बोलने में भी परेशानी होती थी। वह गर्दन भी सीधी नहीं कर पाती थी। इससे मानसिक रूप से भी परेशान थी।

विशेषज्ञों की टीम बनाकर तीन घंटे प्लास्टिक सर्जरी कर गर्दन, होंठ का पुनर्निर्माण किया। त्वचा और जरूरी मांस शरीर के अन्य हिस्सों से लिया गया। अब उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है। मरीज दो-तीन महीने में पूरी तरह ठीक हो जाएगी। ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. राजीव पुरी, डॉ. नीतू पाल, डॉ. कौस्तुभ सिंह, डॉ. सृष्टि, डॉ. सर्वेश, डॉ. रजत, डॉ. कीर्ति, डॉ. ऋषभ, डॉ. वीनेश, डॉ. सुलभ रहे।

प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता और विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने कहा कि एसएन में अति गंभीर बीमारियों की भी सर्जरी हो रही है। इस सर्जरी के लिए निजी अस्पताल में करीब दो लाख रुपये खर्च होते। एसएन में निशुल्क सुविधा मिली।

 



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