विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबीजी रामजी) की शुरुआत से पहले ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत अधूरे पड़े कार्यों ने प्रशासन के सामने चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। एक अप्रैल से मनरेगा को नए स्वरूप में लागू करने की केंद्र सरकार की योजना है।
अभी चार वित्तीय वर्षों में शुरू हुए 12,346 कार्य पूरे नहीं हो सके हैं। इन अधूरे कामों से जुड़े 30 हजार से अधिक मजदूरों की मजदूरी और लगभग तीन करोड़ रुपये की निर्माण सामग्री का भुगतान भी अटक गया है। मनरेगा के तहत कार्यों में देरी का मुख्य कारण समय पर बजट जारी न होना है।
