कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। मांग की है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरुद्ध दर्ज पॉक्सो प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि सत्ता के हंटर से संतों की आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है। इसे तत्काल बंद किया जाए। उन्होंे कहा कि शंकराचार्य पर यह कार्रवाई तब हुई जब उन्होंने कुंभ मेले की अव्यवस्थाओं पर प्रदेश सरकार को घेरा था। यह सीधे तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध की बू देता है। कांग्रेस का स्पष्ट मानना है कि अनुच्छेद 25-26 के तहत मिली धार्मिक स्वायत्तता और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा है कि किसी भी आध्यात्मिक पद की गरिमा को सियासी रंजिश का हथियार बनाना लोकतंत्र और संविधान, दोनों के खिलाफ है। इसलिए पूरे मामले में किसी स्वतंत्र या केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जाए। ताकि हकीकत सामने आ सके।
अखिलेश ने दिया था ये बयान
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर केस दर्ज कराने वाले शाकुंभरी पीठाधीश्वर के आशुतोष ब्रह्मचारी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार 20 साल पुरानी घटना खोज कर लाई है। इसका मकसद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अपमानित करना है। अगर शिकायकर्ता स्वामी रामभद्राचार्य का शिष्य है तो मुझसे गलती हुई। मैंने रामभद्राचार्य पर दर्ज केस वापस लिया था। मुझे उनको जेल भेज देना चाहिए था।
