आगरा में कुल 332 शीतगृह हैं। जिनमें से 7 फल, मसाले, मेवे व अंडे आदि का भंडारण करते हैं। शेष शीतगृहों में 3 लाख 41 हजार मीट्रिक टन आलू भंडारण की क्षमता है। इनमें से 35 शीतगृहों का नवीनीकरण नहीं कराया गया है। जबकि हर साल जनवरी से फरवरी माह या भंडारण शुरू करने से पहले नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी कराना जरूरी है।
आलू की खुदाई शुरू हो गई है। यहां के अधिकतर किसान आलू का भंडारण करते है। साथ ही व्यापारी भी बड़ी मात्रा में आलू भंडारण करते हैं। फिर भी जिले के 35 शीतगृहों का इस समय तक नवीनीकरण न कराना गंभीर मामला है। अगर किसी तरह उन्होंने कुछ आलू का भंडारण कर लिया और उनकी नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी तो किसानों के लिए समस्या आ सकती है। उनका आलू खराब हो सकता है।
नवीनीकरण के लिए ये है जरूरी
– 15 हजार घन मीटर से अधिक क्षेत्रफल वालों को 10 हजार रुपये फीस
– फिटनेस प्रमाण पत्र, इसमें बिल्डिंग और मशीनों दोनों का बीमा कराना
– अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र
– प्रदूषण विभाग से प्रमाण पत्र
– विद्युत बिल
बिना नवीनीकरण के भंडारण पर हो सकता है लाइसेंस निरस्त
बिना नवीनीकरण के भंडारण करने वालों के खिलाफ एफआईआर, लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही की जा सकती है। इसके साथ ही किसानों के माल का नुकसान पर रिकवरी करने का प्रावधान है।
जिनके मानक अधूरे, उनका नवीनीकरण निरस्त होगा
जिला उद्यान अधिकारी अतिरिक्त प्रभार अनीता सिंह ने बताया कि अधिकतर कोल्ड स्टोर का नवीनीकरण हो चुका है। करीब 35 कोल्ड शेष है। वह प्रक्रिया में हैं। जिनके मानक पूरे नहीं मिले उनका नवीनीकरण निरस्त किया जाएगा।
