पावर आफिसर्स एसोसिएशन ने रविवार को लखनऊ के फील्ड हास्टल में ताकत दिखाई। प्रदेश भर से जुटे अभियंताओं ने संकल्प लिया कि वे संविधान की रक्षा के लिए तत्पर रहेंगे और किसी भी कीमत पर निगमों में निजीकरण स्वीकार नहीं करेंगे। तय किया कि विद्युत निगमों को बचाने के लिए ताउम्र तत्पर रहेंगे। इस दौरान एसोसिएशन की ओर से वर्ष 2025 में सेवानिवृत्त होने वाले 30 अभियंताओं को अभियंता रत्न सम्मान से नवाजा गया। उपभोक्ताओं और अभियंताओं के हितों के लिए संघर्ष करने वाले अवधेश कुमार वर्मा को ऊर्जा रत्न से नवाजा गया।
फील्ड हॉस्टल में आयोजित समारोह में विद्युत निगमों की दशा एवं दिशा पर चर्चा की गई। विद्युत निगमों में कार्यरत एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने ऊर्जा प्रबंधन द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न की घटनाओं को तथ्यात्मक तरीके से रखा। मांग की कि पूरे मामले में सरकार हस्तक्षेप करे। कार्पोरेशन और निगमों में उत्पीड़नात्मक कार्रवारियां बंद हो। अभियंताओं और अन्य कर्मचारियों को साथ लेकर निगमों के विकास की रणनीति अपनाई जाए। एक प्रस्ताव पारित करके मुख्यमंत्री को भी भेजा गया, जिसमें निगमों में अभियंताओं और कर्मचारियों के उत्पीड़न के प्रकरण बताए गए हैं।
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पावर कार्पोरेशन प्रबंधन की ओर से पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल को घाटे में दिखाकर निजीकरण करने की नीति की निंदा की गई। सरकार से मांग की गई कि निजीकरण प्रस्ताव तत्काल रद्द किया जाए। अभियंताओं ने कहा कि बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर ने 1934 में कहा था कि बिजली हमेशा सार्वजनिक क्षेत्र में रहना चाहिए, इसलिए उनके बताए रास्ते पर चलकर सरकारी क्षेत्र में ही बिजली क्षेत्र का विकास होना चाहिए। इस दौरान तीन प्रस्ताव पारित करके अभियंताओं ने संकल्प लिया कि वे मरते दम तक संविधान बचाने के लिए संघर्षशील रहेंगे, बिजली निजीकरण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे और विद्युत निगमों को बचाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहेंगे।
इससे पहले एसोसिएशन की ओर से बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर और तथागत बुद्ध के चित्र पर पुष्प अर्पित किया गया। जनहित में दिए गए उनके संदेश को सुनाया गया। समारोह की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी केन ने किया एवं संचालन महासचिव अनिल कुमार ने किया। मौके पर अजय कुमार, हरिश्चंद्र वर्मा, सुशील कुमार वर्मा, दिग्विजय सिंह, एमके अहिरवार, लोकेश कुमार, एमएल भास्कर आदि मौजूद रहे।
30 को अभियंता रत्न से नवाजा: एसोसिएशन की ओर से फील्ड हॉस्टल में आयोजित समारोह में प्रदेशभर से आए करीब 30 सेवानिवृत्त अभियंताओं को अभियंता रत्न से सम्मानित किया गया। इन सभी को संविधान की प्रति, अंग वस्त्र आदि सौंपा गया। सम्मानित होने वालों ने भी यह संकल्प लिया कि वे जनता के बीच जाकर निरंतर अपने अनुभव साझा करेंगे। पे बैक टू सोसायटी के सिद्धांत को बताएंगे। सम्मानित होने वालों में आरपी केन, एसपी सिंह, महेंद्र सिंह, महेश चंद्रा, नंदलाल, लोकेश कुमार, एस के निर्मल, राम बुझारत, जेपी विमल, प्रशांत सिंह, एससी रावत, रवि प्रताप, ऋषि तरन, वीर अशोक कुमार, चंद्र विशाल, सीबी सिंह, तुलसीराम, कलन प्रसाद, राजकुमार, पीएम प्रभाकर, डीके दोहरे, सरोज कुमार रावत, सुशील कुमार आर्य, पीएएन प्रसाद, मोतीलाल दीप रंजन आदि मौजूद रहे।
अवधेश वर्मा को ऊर्जा रत्न अवार्ड: समारोह के दौरान एसोसिएशन की ओर से उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए तत्पर रहने, निजीकरण प्रस्ताव रोकने में मुख्य भूमिका निभाने और देश की ऊर्जा क्षेत्र की सर्वोच्च संवैधानिक सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी(सीआरसी) में सदस्य नामित किए जाने पर उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा को ऊर्जा रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।
