उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधानों की भर्ती प्रक्रिया में संबंधित विद्यालयों के दो वरिष्ठ शिक्षकों को पूर्व की तरह साक्षात्कार के लिए बुलाने का प्रावधान किया जाए।
संगठन का कहना है कि 15-20 वर्षों का अनुभव रखने वाले कार्यवाहक संस्था प्रधानों को चयन प्रक्रिया से बाहर रखना अन्यायपूर्ण है। उनके अनुभव व सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपनी योग्यता साबित करने का अवसर मिलना चाहिए।
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संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह पटेल, उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी तथा महामंत्री आशीष कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश के कई विद्यालयों में तदर्थ संस्था प्रधान लंबे समय से नियमित प्रधानों की तरह जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन न तो उन्हें नियमित किया गया और न ही वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में उचित अवसर दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 4512 एडेड माध्यमिक विद्यालयों में से लगभग 2500 से अधिक पद खाली हैं, जहां कार्यवाहक संस्था प्रधान कार्य कर रहे हैं। पूर्व में गठित चयन बोर्डों में दो वरिष्ठ शिक्षकों को साक्षात्कार में शामिल करने की व्यवस्था थी, इसलिए वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में भी आवश्यक संशोधन किया जाना चाहिए।
