जल जीवन मिशन में गड़बड़ियों को लेकर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव से हुए विवाद के बाद चर्चा में आए चरखारी के भाजपा विधायक ब्रजभूषण राजपूत सोमवार को विधानसभा सत्र के दौरान आकर्षण का केंद्र बने रहे। राजपूत जब विधानसभा सत्र में भाग लेने पहुंचे तो भाजपा के साथ ही विपक्ष के कई विधायक उनसे मिले।

कुछ देर सदन में रहने के बाद वह बाहर निकले तो गलियारे में वह तमाम विधायकों से घिरे रहे। वे जब तक विधान भवन परिसर में रहे, विधायकों से ही घिरे रहे। यही नहीं, सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद राजपूत अपने राजधानी के डालीबाग स्थित सरकारी आवास पहुंचे तो देर रात तक उनके यहां भाजपा विधायकों का जमावड़ा लगा रहा। तमाम विधायकों के वाहन उनके आवास से बाहर खड़े दिखे।

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सरकार की नीतियों के विरोध में विपक्ष का हंगामा

वहीं, विधानसभा के पहले दिन सपा विधायकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। वे सरकार की नीतियों के विरोध में नारे लिखीं तख्तियां लेकर आए थे। चौधरी चरण सिंह प्रतिमा के समक्ष नारेबाजी करते विपक्षी हुए धरना दिया।



सपा विधायक सुबह करीब 10 बजे से ही सदन पहुंचना शुरू हो गए। भदोही विधायक जाहिद बेग हाथ में तख्ती लेकर पहुंचे जिसमें लिखा था- नाम काटने के लिए फॉर्म 7 लेना बंद करो…संविधान विरोधी ये सरकार नहीं चलेगी…। साइकिल से पहुंचे एमएलसी आशुतोष सिन्हा के हाथ में तख्ती और पोस्टर था, जिसपर लिखा था कि राजमाता अहिल्याबाई का यह अपनाम, नहीं सहेगा हिंदुस्तान, मणिकर्णिका, वाराणसी। इसी तरह अन्य विधायक भी नारे लिखी तख्तियां लेकर विधानसभा गेट पर इकट्ठा हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए चौधरी चरण सिंह प्रतिमा के पास पहुंचे। यहां गुंडाराज खत्म करो, किसान विरोधी ये सरकार नहीं चलेगा… जैसे नारे लगाते हुए धरने पर बैठ गए। करीब 20 मिनट तक नारेबाजी और धरना देने के बाद वे विधानसभा के अंदर गए। सदन में प्रवेश करते वक्त भी कई विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे थे।



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