सहारा इंडिया समूह के उप प्रबंध निदेशक ओपी श्रीवास्तव को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कोलकाता यूनिट द्वारा मनी लांड्रिंग के मामले में गिरफ्तार करने के बाद रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी है। ओपी श्रीवास्तव की हैसियत सहारा में दूसरे नंबर पर आंकी जाती थी। सहारा प्रमुख सुब्रत राय के निधन पर समूह के संचालकों के बीच कलह बढ़ती जा रही थी। ओपी श्रीवास्तव समेत कंपनी के तमाम निदेशकों के खिलाफ सैंकड़ों मामले दर्ज होने के साथ गिरफ्तारी के वारंट भी जारी हुए थे।

बता दें कि ओपी श्रीवास्तव को निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने के मामलों में कई राज्यों की पुलिस तलाश रही थी। वहीं हमारा इंडिया क्रेडिट सोसाइटी मामले की जांच कर रही ईडी ने बीते वर्ष लखनऊ, कोलकाता, दिल्ली, मुंबई समेत सहारा समूह के कई ठिकानों पर छापा मारकर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के सुबूत जुटाए थे, जिसके बाद से ओपी श्रीवास्तव को लगातार तलब किया जा रहा था। तीन माह पूर्व ईडी की टीम ने उनके महानगर स्थित आवास पर छापा भी मारा था। इस मामले में ईडी ने सहारा ग्रुप की जमीनों की खरीद-फरोख्त कराने वाले मुंबई निवासी जितेंद्र प्रसाद वर्मा और निदेशक अनिल अब्राहम को गिरफ्तार किया था।

पिनटेल ग्रुप को बेची जमीनें

दरअसल, निवेशकों की रकम से सहारा समूह ने कई शहरों में जमीनों को खरीदा था। बाद में कंपनी की मुसीबतें बढ़ने पर इन जमीनों की चुपचाप बिक्री की जाने लगी। इसमें लखनऊ स्थित सहारा की जमीन भी थी, जिसे जितेंद्र प्रसाद वर्मा ने रीयल एस्टेट कंपनी पिनटेल ग्रुप को बेच दिया। ईडी और आयकर की जांच में सामने आया कि पिनटेल ग्रुप ने शेल कंपनियां बनाकर जमीनों को खरीदा था। वहीं आईआईएम रोड स्थित सहारा सिटी होम्स के अधूरे प्राेजेक्ट को भी अमरावती ग्रुप के हवाले कर दिया गया। इन सभी सौदों में ओपी श्रीवास्तव की भूमिका बताई जाती है। हालांकि ईडी और आयकर विभाग ने इनमें से अधिकतर जमीनों को जब्त कर लिया है।

आपस में हुई अनबन

सुब्रत राय के निधन के बाद सहारा समूह के स्वामित्व वाली जमीनों को बेचने के लिए उनके करीबी परिजनों और ओपी श्रीवास्तव के बीच अनबन भी शुरू हो गई थी। हालांकि ओपी श्रीवास्तव ने एक बड़े एफएमसीजी समूह के साथ मिलकर अलग कारोबार शुरू कर दिया था और सहारा की कंपनियों से पल्ला झाड़ लिया था। इसके बावजूद कई अहम सौदों में उनके दस्तखत होने की वजह से ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि ईडी इस मामले में सहारा समूह के कई अन्य पदाधिकारियों को भी गिरफ्तार करने की तैयारी में है।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *