सहारा इंडिया समूह की भोपाल और लखनऊ स्थित जमीनों को रियल एस्टेट कंपनियों को बेचने के मामले में पूर्व डिप्टी डायरेक्टर ओपी श्रीवास्तव पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपना शिकंजा कसा है। दरअसल, इन जमीनों को ईडी जब्त कर चुका था, इसके बावजूद इनको बेचा जा रहा था। जल्द ही ईडी, कोलकाता की टीम दोनों शहरों समेत सभी जब्त जमीनों पर जाकर भौतिक रूप से कब्जा लेगी, जिससे इनको रियल एस्टेट कंपनियों से खरीदने वाले निवेशकों की जमापूंजी खतरे में पड़ सकती है।

Trending Videos

सूत्रों की मानें तो लखनऊ में भी सहारा समूह की बेशकीमती जमीनों को पिनटेल और अमरावती ग्रुप को बेचने की शिकायत ईडी को मिली है, जिसके बाद जल्द कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी है। इन जमीनों को बेचने को लेकर सहारा समूह के संचालकों में बीते कुछ महीनों से विवाद भी चल रहा था।

ये भी पढ़ें – यूपी में लगातार छठवें साल नहीं बढ़ेंगी बिजली दरें, देश का पहला राज्य बना उत्तर प्रदेश



ये भी पढ़ें – यूपी में अवैध घुसपैठियों के लिए बनाए जाएंगे अस्थायी डिटेंशन सेंटर, सीएम योगी का स्पष्ट निर्देश- सख्त कार्रवाई करें

बता दें कि सहारा समूह ने राजधानी के गोमतीनगर स्थित सहारा अस्पताल को मैक्स ग्रुप को 900 करोड़ रुपये में बेचा था, हालांकि इसकी अनुमति ली गई थी। इसकी आड़ में बाकी जमीनों को भी बेचने का सिलसिला शुरू हो गया, जिसमें खासकर सुल्तानपुर रोड स्थित एलडीए द्वारा सहारा को टाउनशिप विकसित करने के लिए दी गई भूमि शामिल थी। इसे सहारा के मुख्य संचालकों के नाम से खरीदा गया था।

कई पदाधिकारी हुए अंडरग्राउंड

ओपी श्रीवास्तव के गिरफ्तार होने के बाद सहारा में उनके करीबी तमाम वरिष्ठ अधिकारी अंडरग्राउंड हो गए हैं। ईडी ने इनमें से कई लोगों को नोटिस देकर तलब किया है, हालांकि वह जांच एजेंसी के सामने पेश होने से कतरा रहे हैं। इनमें ओपी श्रीवास्तव के कार्यालय के कुछ अधिकारी भी शामिल हैं, जिन पर निवेशकों की रकम हड़पने, जमीनों का सौदा कराने और ईडी की जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *