शातिर साइबर ठगों ने बरेली के प्रेमनगर इलाके में रहने वाले परिवार का आतंकवादियों से कनेक्शन बताकर दंपती और बेटे को 10 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। आठवीं के छात्र बेटे की सूझबूझ और पड़ोसी व पुलिस की मुस्तैदी से ठगी की घटना टल गई। एसएसपी अनुराग आर्य ने प्रेमनगर थाने की साइबर सेल को 10 हजार रुपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया है।
प्रेमनगर के आजादनगर सुर्खा निवासी संजय कुमार ने एसपी सिटी मानुष पारीक को बताया कि उनके पास छह अप्रैल को किसी अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल आई। वर्दी पहनकर कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर संजय को पहले हड़काया और फिर उनकी पत्नी रोशी सक्सेना के आधार कार्ड का नंबर बताया।
साइबर ठगों ने दंपती को धमकाया
नंबर सही होने की तस्दीक करते ही संजय को बताया गया कि उनकी पत्नी का आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा है। ठगों ने फिर कॉल को पुणे मुख्यालय ट्रांसफर करने की बात कही और स्क्रीन पर आ रहे कुछ अन्य अधिकारी संजय और रोशी को धमकाने लगे। इससे दोनों बुरी तरह सहम गए।
इनसे पूछा गया कि घर में और कौन है। इन्होंने 13 साल के बेटे तन्मय के बारे में बताया। तब अधिकारियों ने कहा कि घर का दरवाजा बंद कर लो और जांच पूरी होने तक कोई कहीं नहीं जाएगा। तब तीनों ही स्क्रीन के सामने बैठ गए। इन्होंने संजय से खाते और आधार कार्ड व पैनकार्ड समेत कई जानकारी हासिल कर ली।
