आगरा में हत्या की कोशिश के मुकदमे की फर्द बरामदगी में दर्शित सामान को थानाध्यक्ष छत्ता ने अदालत में पेश नहीं किया। इस वजह से अभियोजन साक्षी सेवानिवृत्त निरीक्षक पुष्पेंद्र पाल सिंह की गवाही दर्ज नहीं हो सकी। एडीजे-13 महेश चंद्र वर्मा ने साक्षी के आने-जाने के खर्च की भरपाई के 4500 रुपये थानाध्यक्ष छत्ता से पुलिस आयुक्त को वसूलने के आदेश दे दिए। बृहस्पतिवार को अगली सुनवाई होगी।
यह मामला वर्ष 2015 में हत्या की कोशिश के तहत थाना छत्ता में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है। 30 मार्च को अदालत में सुनवाई हुई तो अभियुक्त रविंद्र, राजेश और वीरू उपस्थित थे। भोलू की तरफ से हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र लगा था। अभियोजन साक्षी सेवानिवृत्त निरीक्षक पुष्पेंद्र पाल सिंह गवाही देने झांसी से आए थे। वह लगभग 90 किलोमीटर दूर गांव बमौर से यात्रा करके पहुंचे थे।
थानाध्यक्ष छत्ता ने फर्द बरामदगी में दर्शित सामान अदालत में पेश नहीं किया गया। इस वजह से उनकी गवाही दर्ज नहीं हुई। साक्षी पुष्पेंद्र पाल सिंह ने अदालत में बताया आने-जाने में लगभग 1400 रुपये का किराया और तीन दिनों के अन्य खर्चों को मिलाकर कुल 4500 रुपये का अनुमानित खर्चा हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए अपर जिला महेश चंद्र वर्मा ने पुलिस कमिश्नरेट को आदेश दिया है।
उन्होंने थानाध्यक्ष छत्ता से साक्षी को हुए नुकसान की भरपाई के 4500 रुपये वसूलकर बृहस्पतिवार से पहले अदालत में जमा कराएं। पुलिस कमिश्नर को यह भी निर्देशित किया गया है कि थानाध्यक्ष छत्ता को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दें कि हर स्थिति में सुबह 10:30 बजे तक वांछित बरामद माल साक्ष्य हेतु अदालत में करें।
