प्रदेश में आउटसोर्सिंग से होने वाली भर्तियों में भी सरकार आरक्षण का पूरा ख्याल रखेगी। मुख्यमंत्री ने यह बात संघ और भाजपा की शुक्रवार को पांच कालिदास मार्ग स्थित सीएम आवास में हुई समन्वय बैठक में कहीं। जिला स्तर पर सुनवाई न होने का मुद्दा उठाए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि संगठन से जुड़े लोगों की शिकायतें अधिकारी सुनें और निस्तारित कराएं। सीएम आवास पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार की मौजूदगी में हुई बैठक में संगठन की नई टीम, क्षेत्रीय अध्यक्ष, आयोग-निगम, बोर्ड के रिक्त पदों को भरने कई अहम मुद्दों पर विमर्श किया गया।
शुक्रवार को इससे पहले संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार समेत तमाम पदाधिकारियों की प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी व महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के साथ जियामऊ स्थित विश्व संवाद केंद्र पर आयोजित बैठक में समन्वय से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। उसके बाद मुख्यमंत्री आवास पर मंथन किया गया।
इसमें छह संगठनात्मक क्षेत्रों में की गई समन्वय बैठकों में सामने आए विषय रखे गए। जिलों में भ्रष्टाचार से जुड़े कुछ मामले और अधिकारियों की उसमें संलिप्ततता की शिकायतों पर सीएम ने कहा कि ये लखनऊ तक नहीं आनी चाहिए। प्रभारी मंत्री के जरिए शासन और सरकार तक आए ताकि उसका निस्तारण हो सके।
इसके अलावा जाति विशेष को लेकर उपजे विवाद, पंचायत चुनाव पर कोर्ट के रुख और तैयारियों को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, क्षेत्र प्रचारक अनिल सिंह व महेंद्र कुमार मौजूद रहे।
कड़ी नजर रखी जाए
आरक्षण को लेकर संगठन के फीडबैक पर तय हुआ कि आउटसोर्सिंग की भर्तियों में भी ध्यान रखा जाए कि कहीं सीमा का उल्लंघन न हो रहा हो। सीएम ने इसका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने की बात कही। विपक्ष इसे लेकर भ्रम न फैलाएं, इस पर भी कड़ी नजर रखने को कहा।
आयोग-निगम, बोर्ड के खाली पदों पर कार्यकर्ताओं का समायोजन करने के साथ प्रदेश भाजपा की नई टीम के गठन पर भी चर्चा हुई। साथ ही, पंचायत चुनाव से पहले ओबीसी आयोग का गठन करने, क्षेत्रीय अध्यक्षों की तैनाती, सरकार की उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार करने समेत अहम विषयों पर विमर्श हुआ।
