मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाली योजनाओं में आगरा की स्थिति सबसे खराब है। सीएम डैश बोर्ड पर प्रदेश में 71वीं रैंकिंग आई है। बुधवार को आयुक्त सभागार में मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान इस पर कड़ी नाराजगी जताई।

मंडलायुक्त ने अधिकारियों की लापरवाही पर उन्हें फटकार लगाई। शिक्षा व छात्रवृत्ति में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तहत दशमोत्तर और पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना में आगरा की प्रगति सबसे खराब रही। नियोजन विभाग की फैमिली आईडी, ग्राम्य विकास और पिछड़ा वर्ग कल्याण की योजनाओं में आगरा लक्ष्य से काफी पीछे मिला। महिला एवं बाल विकास और आईसीडीएस पोषण अभियान में आगरा और मैनपुरी की स्थिति निराशाजनक पाई गई।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में आगरा और फिरोजाबाद में बजट आवंटन के बावजूद व्यय प्रतिशत अत्यंत कम दिखा। मंडलायुक्त ने कहा कि इसका सीधा अर्थ है कि पात्रों को योजना का लाभ देने में अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं। आगरा में पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत सेतु निर्माण और पंचायतीराज के तहत अंत्येष्टि स्थलों के चयन में भी देरी पाई गई।

गोशालाओं और चारागाहों की अनदेखी

मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले गो-संरक्षण कार्यों में भी लापरवाही उजागर हुई। आगरा और फिरोजाबाद में वृहद गो-संरक्षण केंद्रों का निर्माण अब तक लटका हुआ है। गोचर (चारागाह) भूमि के आधे हिस्से में भी हरा चारा नहीं बोया गया, जिस पर मंडलायुक्त ने सीडीओ को तत्काल सर्वे के निर्देश दिए। आगरा और फिरोजाबाद में पशु टीकाकरण की रफ्तार भी लक्ष्य से काफी पीछे मिली। मंडलायुक्त ने कहा कि रैंकिंग में गिरावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने में तत्काल तेजी लाई जाए। मंडल के शेष 8 परिषदीय विद्यालयों को तुरंत चहारदीवारी बनवाई जाए। 50 करोड़ की परियोजनाएं की समीक्षा में कहा जिन परियोजनाओं में देरी हो रही है, उनके लिए अलग से विशेष बैठक होगी। इस दौरान संयुक्त विकास आयुक्त उमेश मणि त्रिपाठी, आगरा डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी, मैनपुरी डीएम अंजनी कुमार सिंह, फिरोजाबाद डीएम रमेश रंजन और चारों जिलों के सीडीओ मौजूद रहे।

 



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