हार्टअटैक के मरीजों को सीएचसी एवं जिला अस्पताल में भी जीवन रक्षक इंजेक्शन निशुल्क लगेगा। ईसीजी से इंजेक्शन लगने तक में केवल 10 मिनट लगेगा। निजी अस्पतालों में इसकी कीमत करीब 40 हजार रुपये है। अगले महीने से सीएचसी पर भी यह सुविधा मिलने लगेगी। एसएन मेडिकल कॉलेज में पांच जिलों के सीएचसी और जिला अस्पताल स्टाफ को इसका प्रशिक्षण दिया गया है।

प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, एटा और हाथरस के सीएचसी, जिला अस्पताल के 100 चिकित्सकीय स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें सीने में दर्द की शिकायत लेकर आए मरीज की ईसीजी करने की जानकारी दी। स्टाफ ईसीजी की रिपोर्ट को एसएन के हृदय रोग विशेषज्ञों को व्हाट्सएप करेंगे। इसके लिए विशेषज्ञों का व्हाट्सएप ग्रुप भी बना दिया है।

इसमें हार्टअटैक की गंभीरता को देखने के बाद स्टाफ को टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन लगाने को निर्देशित करेगा। मरीज को कैसे इंजेक्शन लगाना है, कैसे इसे सुरक्षित रखना है, इसके बारे में भी जानकारी दी। इंजेक्शन लगने के बाद मरीज को 108 नंबर एंबुलेंस से एसएन में भर्ती कराया जाएगा। हार्टअटैक के बाद जल्दी इंजेक्शन लग जाने से 80 फीसदी मरीजों की जान बच जाती है।

एसएन के हृदय रोग विभाग के डॉ. सौरभ नागर ने बताया कि पहले 50 एमएल की वाइल को डायलूट कर हर मिनट में एक एमएल मात्रा लगाई जाती थी। इससे इंजेक्शन लगाने में 40-50 मिनट का समय लगता था। इसमें ऐसा कुछ करने की जरूरत नहीं है और 10 सेकंड में इंजेक्शन लग जाता है। कार्यशाला में अपर निदेशक डॉ. ज्योत्सना भाटिया, डॉ. कमलेश यादव, डॉ. टीपी सिंह, डॉ. पीयूष जैन, डॉ. हिमांशु यादव आदि मौजूद रहे।

हर सीएचसी पर रहेंगे पांच इंजेक्शन

सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि सभी 18 सीएचसी पर दो ईसीजी मशीन की सुविधा है। स्टाफ का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद हर सीएचसी पर 5-5 इंजेक्शन की व्यवस्था की जाएगी। जिला अस्पताल में 10-15 इंजेक्शन स्टॉक में रखे जाएंगे। अगले महीने में मरीजों को सीएचसी पर इंजेक्शन उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

कैथ लैब में हर महीने 130 ऑपरेशन

एसएन के हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. बसंत गुप्ता ने बताया कि कैथ लैब में हर महीने 130 मरीजों के एंजियोग्राफी और एंजियाेप्लास्टी कर रहे हैं। इसमें 40 फीसदी मरीजों की संख्या 45 साल से कम है। कैथ लैब में सर्जरी के लिए हर महीने 150-160 मरीज हृदय रोग के आते हैं। इनमें देहात क्षेत्र के मरीजों की संख्या अधिक है। सीएचसी स्तर पर इंजेक्शन लगने से मरीजों को हायर सेंटर लाने में लगे समय के बीच जान का खतरा कम होगा।

हृदय रोग के ये हैं लक्षण

– एकदम से छाती में भारीपन, तेज दर्द।

– सीने के साथ दोनों हाथों में दर्द होना।

– छाती से जबड़े की तरफ दर्द पहुंचना।

– तेज पसीना आना और घबराहट होना।



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