
प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश में जघन्य अपराधों में लिप्त अपराधियों को कम समय में सजा दिलाने के लिए ”ऑपरेशन कन्विक्शन” शुरू किया गया है। इसके तहत पॉक्सो एक्ट, बलात्कार, हत्या, लूट, डकैती, धर्मांतरण और गोकशी करने वाले अपराधियों के खिलाफ गुणवत्तापूर्ण जांच कर पुलिस व अभियोजन विभाग संयुक्त रूप से न्यायालय में प्रभावी पैरवी करेगा। जिससे अपराधियों को कम समय में कठोर सजा दिलाई जा सके।
डीजीपी विजय कुमार ने इस संबंध में सभी कमिश्नरेट और जिलों को निर्देश दिए कि वह इन श्रेणी के 20-20 मुकदमों चिह्नित करेंगे और इसकी समयबद्ध विवेचना पूरी कराकर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल करेंगे। इसके बाद तीन दिन के अंदर चार्ज फ्रेम करवाकर 30 दिवस में ट्रायल की कार्रवाई संपन्न कराई जाएगी।
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इस दौरान गवाहों व माल मुकदमाती को समय से न्यायालय में प्रस्तुत करने का दायित्व संबंधित थाना प्रभारी और कमिश्नरेट व जिले के प्रभारी का होगा। उन्होंने कहा कि जिला न्यायाधीश से समन्वय स्थापित कर चिह्नित मुकदमों की सुनवाई रोजाना फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का प्रयास किया जाएगा।
