People are hospitalised because of Dengue like fever in government hospitals.

बलरामपुर अस्पताल में भर्ती बुखार के मरीज।
– फोटो : अमर उजाला

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डेंगू से ज्यादा इस दफा बुखार सता रहा है। डेंगू जैसे लक्षण वाले बुखार के मरीजों से अस्पताल फुल हैं। सरकारी अस्पतालों में करीब 400 मरीज भर्ती हैं। खास बात है कि जांच में इनमें प्लेटलेट्स बेहद कम पाई जा रही हैं, जबकि डेंगू की जांच रिपोर्ट निगेटिव होती है। डेंगू की बात करें तो इसके भर्ती मरीजों का आंकड़ा सौ के पार नहीं है। अस्पताल प्रभारियों का कहना है कि डेंगू से अधिक बुखार के मरीज भर्ती हो रहे हैं।

बलरामपुर अस्पताल की क्षमता 777 बेड की है। मंगलवार को यहां बुखार के 160, जबकि डेंगू के 16 मरीज भर्ती थे। अस्पताल में बेड के लिए मारामारी जैसे हालात हैं। लोकबंधु अस्पताल में बुखार के 77 व डेंगू के 25 मरीज भर्ती हैं। इनमें बुखार के कई मरीज ऐसे हैं, जिनकी कार्ड टेस्ट रिपोर्ट में डेंगू निकला था। हालांकि, एलाइजा जांच पर डेंगू निगेटिव पाया गया। ऐसे में डॉक्टर नॉन डेंगू सिंड्रोम मानकर बुखार का इलाज कर रहे हैं।

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सिविल अस्पताल में बुखार के 80, डेंगू के 32, मलेरिया के 11, टायफाइड के पांच मरीज भर्ती हैं। बेड की उपलब्धता के सवाल पर सीएमएस डॉ. राजेश श्रीवास्तव कहते हैं कि मरीजों की हालत में सुधार होते ही डिस्चार्ज किया जा रहा है, ताकि दूसरे रोगियों की भर्ती की राह आसान हो सके।

बीकेटी के रामसागर मिश्रा संयुक्त चिकित्सालय में थोड़ी राहत

बीकेटी के रामसागर मिश्रा संयुक्त चिकित्सालय की क्षमता 100 बेड की है। यहां 65 मरीज भर्ती हैं। इनमें बुखार के 16 व डेंगू के पांच मरीज हैं। सीएमएस डॉ. सुमित का कहना है कि बुखार के मरीज कम हुए हैं। कुछ दिन पहले तक अस्पताल पूरी तरह से फुल था।

मरीजों को दूसरे अस्पताल भेजने का आरोप

महानगर स्थित भाऊराव देवरस संयुक्त चिकित्सालय की क्षमता 100 बेड की है। यहां 60 बेड पर मरीजों की भर्ती हो रही है। बाकी बेड ताले में बंद हैं। यहां डेंगू का एक भी मरीज भर्ती नहीं है। बुखार के 19 मरीज हैं। कम मरीज भर्ती होने को लेकर जानकारों का कहना है कि यहां आने वाले बुखार-डेंगू के गंभीर मरीजों को बड़े अस्पताल भेज दिया जाता है। यही हाल ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय का भी है। यहां बुखार के 10-12 मरीज भर्ती हैं। इनमें एक भी डेंगू पीड़ित नहीं है।

चिकित्सकों की सुनें तो बचे रहेंगे : इम्युनिटी बढ़ाने के लिए गिलोय वटी का करें सेवन

राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के चिकित्सा अधिकारी डॉ. धमेंद्र का कहना है कि रात में ठंडक घुलने लगी है। दिन में गर्मी महसूस होती है। बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए सुबह-शाम गिलोय वटी की दो-दो गोलियों का सेवन करें। चाय की जगह आयुष काढ़ा भी इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार है। बुजुर्ग व बच्चे गर्म कपड़े पहनें। ठंडा पानी पीने से बचें। हो सके तो गुनगुने पानी पिएं।

मच्छर जनित बीमारियों के लिए दस दिन अहम

लोकबंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर बताते हैं कि इम्युनिटी मजबूत रखने में आंवला व नींबू का सेवन मददगार है। मच्छरदानी का प्रयोग करें। पूरी बांह के कपड़े पहनें। घर में जलजमाव न होने दें। बुखार आने पर खून की जांच जरूर कराएं।

ठंडी चीजों से करें परहेज

राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज के सीएमएस डॉ. डीके सोनकर बताते हैं कि ऐसे मौसम में दही-केला व ठंडी चीजें खाने से बचना चाहिए। प्रोटीन युक्त भोजन लें। रहन-सहन व खानपान दुरुस्त रखें।



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