इसके बाद फर्म को सक्रिय कर फर्जी बिलिंग नेटवर्क तैयार किया जाता है। एक फर्म से दूसरे फर्म को फर्जी बिल बनाकर भेजा जाता है, जिससे कागज़ों पर करोड़ों का व्यापार दिखता है।
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इसके बाद फर्म को सक्रिय कर फर्जी बिलिंग नेटवर्क तैयार किया जाता है। एक फर्म से दूसरे फर्म को फर्जी बिल बनाकर भेजा जाता है, जिससे कागज़ों पर करोड़ों का व्यापार दिखता है।
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