मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बुंदेलखंड क्षेत्र में दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूर किया गया। इसके तहत बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत जनपद बांदा में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के नए डेयरी प्लांट की स्थापना और झांसी में पहले से स्थापित 10 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के डेयरी प्लांट का विस्तार कर उसे 30 हजार लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
इन परियोजनाओं के सिविल और मैकेनिकल कार्य टर्न-की आधार पर कराने के लिए इंडियन डेयरी मशीनरी कंपनी लि. को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। कैबिनेट ने इस कंपनी को नियमानुसार सेंटेज चार्ज देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है, जिसका व्यय राज्य सरकार अपने स्रोतों से वहन करेगी।
ये भी पढ़ें – युद्ध ने रोकी हरी सब्जियों के निर्यात की राह, उड़ानें-समुद्री मार्ग बाधित; करीब 50 फीसदी कारोबार प्रभावित
ये भी पढ़ें – यूपी में गेंहू व उत्पादों के 1600 करोड़ के निर्यात पर युद्ध का साया, तीन साल बाद मिला था मौका; सौदे रद्द
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है और प्रदेश में दुग्ध उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बुंदेलखंड क्षेत्र में डेयरी प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने से दुग्ध उत्पादकों को उनके दूध का बेहतर और बाजार आधारित मूल्य मिल सकेगा।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में दूध के खराब होने की समस्या कम होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और बुंदेलखंड में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।