ऊर्जा विभाग ने बिजली निगम के अभियंताओं व कर्मचारियों के खिलाफ की जाने वाली विभागीय कार्रवाई को समयबद्ध और सरल बनाने के लिए नियमों में संशोधन किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी प्रकरण की जांच अधिकतम 30 दिनों में पूरी की जा सकेगी। अब अध्यक्ष, निगम के प्रबंध निदेशक, नियुक्ति अधिकारी जांच समिति की जगह सिर्फ जांच अधिकारी से जांच करा सकेंगे।
