
आप सांसद संजय सिंह।
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आप पार्टी के सांसद संजय सिंह को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से बुधवार को राहत मिली है। अब संजय सिंह को सुल्तानपुर की ट्रायल कोर्ट में फिलहाल सरेंडर नहीं करना पड़ेगा। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के समक्ष सरेंडर करने के आदेश पर 22 अगस्त तक रोक लगा दी है। हाईकोर्ट में बृहस्पतिवार को संजय सिंह की पुनरीक्षण याचिका और इसमें दाखिल जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी। न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की एकल पीठ ने यह आदेश संजय सिंह की ओर से दाखिल अर्जी पर दिया। अर्जी में उन्हें सुल्तानपुर की ट्रायल कोर्ट में पेश होने से छूट दिए जाने का आग्रह किया गया था।
अभियोजन के मुताबिक पानी बिजली की समस्या को लेकर 23 साल पहले दिए गए धरना प्रदर्शन मामले में सुल्तानपुर की निचली अदालत ने संजय सिंह को 3 माह की सजा सुना दी थी। इसके खिलाफ दाखिल अपील को वहां की एक सत्र अदालत ने खारिज कर उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ संजय सिंह ने हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दाखिल कर बरी करने का आग्रह किया है।
इस मामले में संजय सिंह की जमानत अर्जी पर 22 अगस्त को सुनवाई नियत थी। इसी बीच संजय सिंह की ओर से सुल्तानपुर की ट्रायल कोर्ट में पेश होने से छूट दिए जाने की अर्जी पेशकर इसकी अर्जेंट सुनवाई का अनुरोध किया गया। अर्जी पर दलील दी गई कि संजय सिंह आप पार्टी से राज्यसभा में सांसद हैं।
उन्हें 22 अगस्त को वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 की संयुक्त संसदीय समिति की होने वाली पहली बैठक में शामिल होना है। ऐसे में उन्हें संबंधित अदालत के समक्ष सरेंडर करने से छूट दिए जाने का आग्रह किया गया। उधर, सरकारी वकील ने अर्जी का विरोध किया। कोर्ट ने पुनरीक्षण याचिका को सुनवाई को ग्रहण करने योग्य करार देकर ट्रायल कोर्ट के समक्ष सरेंडर करने के आदेश पर 22 अगस्त तक रोक लगा दी है।
