बसपा के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि (परिनिर्वाण) दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्मृति सभा में संकल्प लिया गया कि पार्टी दलितों के हितों की रक्षा के लिए तत्पर रहेगी। बसपा संस्थापक के अधूरे मिशन को राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पूरा करेगी। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया कि बसपा वोट की राजनीति कर रही है और दलित समाज को गुमराह कर रही है।
कांग्रेस ने प्रदेश के सभी जिलों में कांशीराम की याद में स्मृति दिवस का आयोजन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व बसपा से निकल कर कांग्रेस का हाथ थामने वाले नेताओं ने किया। प्रदेश मुख्यालय में आयोजित स्मृति सभा में प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि कांशीराम दलितों, वंचितों और शोषितों की आवाज बनकर जीवन भर संघर्ष करते रहे। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को अभी तक कांशीराम की याद नहीं आई। अब बिहार चुनाव नजदीक है तो भाजपा के कहने पर वह कांशीराम की पुण्यतिथि रैली कर रही हैं। वह दलित समाज को गुमराह कर वोट राजनीति कर रही हैं।
बसपा की रैली से स्पष्ट हो गयाहै कि मायावती भाजपा की असली सदस्य हैं और आरएसएस की सहायिका हैं। कार्यक्रम के दौरान सांसद पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बृजलाल खाबरी ने कांशीराम के विचारों से वाकिफ कराया। पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि बाबा साहब का दूसरा नाम कांशीराम है। पूर्व सांसद दानिश अली ने कहा कि बाबा साहब के संघर्ष को कांशीराम ने आगे बढ़ाया। अब यह काम कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी कर रहे हैं। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय व अन्य नेताओं ने सामाजिक परिवर्तन प्रेरणा स्थल समता मूलकर चौराहे पहुंचकर कांशीराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। मौके पर सांसद राकेश राठौर, तनुज पुनिया, पूर्व मंत्री राजबहादुर, ओपी त्रिपाठी, पूर्व सांसद ओमवती, मनोज यादव, डॉ अमित कुमार राय, प्रो आरबी बौद्ध, अनामिका यादव, जैनब हैदर आदि मौजूद रहे। संचालन विजय बहादुर ने किया।
