
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति व जनजाति आयोग में अध्यक्ष,उपाध्यक्ष और सदस्यों की तैनाती में उम्र का पेंच फंस गया है। उच्चस्तर से जो नाम फाइनल हुए हैं, उनमें कई की उम्र 65 वर्ष से अधिक है। जबकि, आयोग में तैनाती के लिए अधिकतम आयुसीमा 65 वर्ष है। इसलिए तय नामों पर पुनर्विचार किया जा रहा है।
एससी-एसटी आयोग में हाल ही में अध्यक्ष पद के लिए पूर्व विधायक बैजनाथ रावत, उपाध्यक्ष पद के लिए बेचन राम और जीत सिंह खरवार का नाम फाइनल किया गया। इसी तरह से सदस्य पद के लिए हरेंद्र जाटव, महिपाल वाल्मीकि, संजय सिंह, दिनेश भारत, शिव नारायण सोनकर, नीरज गौतम, रमेश कुमार तूफानी, नरेंद्र सिंह खजूरी, तीजाराम, विनय राम, अनिता गौतम, रमेश चंद्र, उमेश कठेरिया, अजय कोरी, जितेंद्र कुमार और अनिता कमल के नाम तय हुए।
बताते हैं कि यह नाम उच्चस्तर से अनुमोदित करके जब समाज कल्याण विभाग के लिए भेजे गए तो भाजपा के ही कुछ लोगों ने जानकारी दी कि इनमें से कई की उम्र 65 वर्ष से अधिक है। यहां बता दें कि आयोग में इन पदों पर एक वर्ष के लिए तैनाती होती है, बशर्ते उम्र 65 वर्ष से अधिक न हुई हो। समाज कल्याण विभाग के सूत्रों के मुताबिक, उनके पास फाइनल किए गए इन लोगों की उम्र संबंधी कोई भी दस्तावेज अभी उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह नहीं बताया जा सकता है कि सूची से किन लोगों का नाम हटाया जाएगा। इस मामले में जानकारी जुटाई जा रही है, उसके बाद ही उच्चस्तर से वार्ता करके आदेश जारी किया जाएगा।
