
अखिलेश ने छोड़ा दिया है नेता प्रतिपक्ष का पद
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विधानसभा परिषद के 13 नवनिर्वाचित सदस्यों के शुक्रवार को शपथ लेते ही सपा उच्च सदन में भी नेता प्रतिपक्ष की हकदार हो जाएगी। इनमें तीन सदस्य सपा के हैं। नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में सपा एमएलसी जासमीन अंसारी, शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली, राजेंद्र चौधरी और लाल बिहारी यादव आगे बताए जा रहे हैं।
बता दें कि पांच मई तक सपा के विधान परिषद में नौ सदस्य थे, जोकि सदन की कुल संख्या के 10 प्रतिशत से कम थे। नतीजतन, विधान परिषद में सपा को नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं दिया गया था। मानक के अनुसार नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए न्यूनतम 10 प्रतिशत सदस्य होने चाहिए।
विधान परिषद में पांच मई को रिक्त हुए 13 पदों के लिए पहले ही मार्च में आयोग ने चुनाव करा लिए थे। इसमें 10 सीटें भाजपा और उनके सहयोगियों को मिलीं। जबकि तीन सदस्य सपा के बनें। इस तरह से उच्च सदन में सपा के सदस्यों की संख्या 12 हो गई है, जोकि नेता प्रतिपक्ष के पद के लिहाज से नए सदस्यों के शपथ लेने के बाद प्रभावी होगी। माना जा रहा है कि सपा विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष का पद किसी मुस्लिम को दे सकती है। उस स्थिति में जासमीन अंसारी और गुड्डू जमाली का नाम आगे चल रहा है। अनुभव के आधार पर राजेंद्र चौधरी और जातीय समीकरणों के आधार पर लाल बिहारी यादव भी दौड़ में शामिल हैं
