
रोल नंबर चेक करते छात्र।
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प्रदेश में 10वीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं बृहस्पतिवार से शुरू हुई। पहले दिन दोनों की कक्षाओं में हिंदी के पेपर थे। बोर्ड परीक्षा को लेकर काफी सख्ती रही। पहली बार परीक्षा केंद्र के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी निगहबानी की गई। किसी तरह की अफवाह या पेपर वायरल करने वालों के लिए क्विक रिस्पांस टीम तैनात रही। राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम के साथ इस बार से विद्या समीक्षा केंद्र व पांच क्षेत्रीय कार्यालयों से भी प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर नजर रखी गई।
पहले दिन पहली पाली में हाईस्कूल की हिंदी, प्रारंभिक हिंदी व इंटर में सैन्य विज्ञान और दूसरी पाली में हाईस्कूल की वाणिज्य व इंटर हिंदी, सामान्य हिन्दी की परीक्षा हुई। इसमें रजिस्टर्ड कुल विद्यार्थियों में से दोनो पालियों में कुल 3,33,541 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। हाईस्कूल की परीक्षा में नकल करते हुये पांच परीक्षार्थी पकड़े गए। वहीं जेल में निरूद्ध बंदी परीक्षार्थियों के लिए आठ जेल केंद्रों में भी परीक्षा आयोजित की गई।
शासन के अनुसार पहली पाली की परीक्षा में 07 छद्म परीक्षार्थियों के खिलाफ व एक केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। माध्यमिक निदेशालय में बनाए गए कंट्रोल रूम में 65 कंप्यूटर से पूरे प्रदेश के केंद्रों की निगरानी की गई। वहीं हेल्पलाइन व सोशल मीडिया पर प्रवेश पत्र में दिक्कत, संबंधित विषय के शिक्षक की ही ड्यूटी लगाने, लड़के-लड़कियों का केंद्र एक साथ बनाने जैसी सूचनाएं मिलीं। इनका त्वरित निस्तारण कराया गया।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री व अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण
पहले दिन की परीक्षा में माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने संभल के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षा केद्रों में सुरक्षा व्यवस्था व कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति का फीडबैक लिया। निर्देश दिया कि परीक्षा में छात्र-छात्राओं को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो। वहीं राजधानी में माध्यमिक के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, निदेशक डॉ. महेन्द्र देव, अपर शिक्षा निदेशक सुरेन्द्र कुमार तिवारी व अजय कुमार द्विवेदी, संयुक्त शिक्षा निदेशक भगवती सिंह आदि अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम, कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति, सीसीटीवी कैमरे के संचालन आदि की जानकारी ली।
