
UP By Election 2024
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2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे उपचुनाव को भाजपा ने सेमीफाइनल के तौर पर लड़ने की रणनीति बनाई है। इसके तहत भाजपा सपा के पीडीए फॉर्मूले की काट के लिए 9 में से 8 सीटों पर दलित और पिछड़े चेहरे उतारकर उसको तगड़ी चुनौती देने की तैयारी की है।
पार्टी की रणनीति के तहत सिर्फ एक सीट पर सामान्य वर्ग के उम्मीदवार को भी मौका मिल सकता है। दिल्ली में हुई बैठक में भाजपा के शीर्ष नेताओं ने प्रदेश संगठन की ओर से भेजे गए तीन-तीन नामों के पैनल में शामिल पिछड़े और दलित के नामों पर गंभीरता से विचार हुआ है।
दरअसल, लोकसभा चुनाव में सीटें कम आने से जनता में फैले भ्रम को दूर करने के लिए भाजपा उपचुनाव के जरिये इंडिया गठबंधन को तगड़ी पटखनी देकर यह भ्रम मिटाना चाहती है।
पार्टी नेतृत्व की पूरी कोशिश है कि उपचुनाव में शत-प्रतिशत परिणाम भाजपा के ही पक्ष में आए। इसलिए पार्टी खास रणनीति बना रही है। इसके तहत सामान्य सीटों पर भी वहां के पिछड़ों व दलितों का दिल जीतने के लिए इसी वर्ग के लोगों को मैदान में उतारा जा सकता है।
