
सपा नेता अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सपा ने यूपी में जाटव मतदाताओं में सेंध लगाने की रणनीति बनाई है। यही वजह है कि गाजियाबाद और खैर में इस बिरादरी के प्रत्याशी उतारकर भविष्य के लिए संदेश देने का काम किया है। भविष्य में सपा इस रणनीति पर ज्यादा काम करेगी।
यूपी की दलित आबादी में जाटवों की संख्या 55 प्रतिशत से अधिक है। वर्तमान में इस जाति के मतदाता बसपा और आजाद समाज पार्टी के प्रभाव में अधिक हैं। उपचुनाव की नौ सीटों में से दो पर जाटव बिरादरी के प्रत्याशी उतारकर सपा ने यह संदेश दिया है कि वह इस बिरादरी को उचित प्रतिनिधित्व देने में पीछे नहीं रहेगी। पीडीए की अन्य जातियों की तरह ही जाटव जाति का साथ लेना भी उसकी प्राथमिकता है। सपा सूत्रों का कहना है कि गाजियाबाद और खैर में टिकट देने के साथ ही पार्टी के पदाधिकारियों से जाटव मतदाताओं के बीच सघन जनसंपर्क करने के लिए कहा गया है। ताकि, भविष्य के लिए एक जनाधार भी तैयार हो सके।
