प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार, मरम्मत, पुनर्निमाण, निर्माण व अवस्थापना सुविधाओं के लिए अब जनप्रतिनिधि, पूर्व छात्रों व सीएसआर फंड की भी मदद ली जा सकेगी। योजना के तहत होने वाले खर्च की 25 फीसदी राशि इनसे सहयोग में ली जा सकेगी। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से 12 जून 2023 को जारी नियमावली में संशोधन को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी।

माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से एडेड कॉलेजों के कायाकल्प के लिए दो साल पहले प्रोजेक्ट अलंकार योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत 50 साल से कम समय में मान्यता वाले पुराने व जर्जर विद्यालयों के जीर्णोद्धार, मरम्मत, पुनर्निमाण, निर्माण व अवस्थापना सुविधाओं के लिए राज्य सरकार की ओर से 75 फीसदी राशि देने व 25 फीसदी संबंधित संस्था या प्रबंधन की ओर से शामिल करने का निर्णय लिया गया था।

इस योजना में काफी कॉलेजों का कायाकल्प भी किया गया। किंतु अभी भी कुछ ऐसे हैं जो 25 फीसदी राशि भी जुटाने की स्थिति में नहीं थे। इसे देखते हुए विभाग की ओर संशोधित प्रस्ताव दिया गया है कि संस्था-प्रबंध तंत्र की 25 फीसदी राशि वे सांसद व विधायक निधि, सीएसआर, पूर्व छात्रों, गणमान्य व्यक्ति, जनप्रतिनिधियों, किसी व्यक्ति या संस्था से प्राप्त कर सकेंगे। उन्हें संबंधित जिलाधिकारी के माध्यम से इसका सहमति पत्र डीआईओएस को दिया जाएगा।

विभाग के अनुसार प्रदेश में 4512 एडेड माध्यमिक विद्यालय हैं। इसमें से लगभग तीन हजार विद्यालयों के भवन जर्जर हैं। ऐसे में सरकार की ओर से दी गई इस छूट से यह विद्यालय भी योजना के तहत लाभांवित हो सकेंगे। हालांकि शिक्षक संघ इसके लिए पूरी 100 फीसदी सहायता देने की मांग कर रहे हैं। ताकि पुराने विद्यालयों के भवन सृदृढ़ हो सकें और यहां के छात्र भी सुरक्षित हो सकें।



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