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बेसिक विद्यालयों के कक्षा छह से आठ के बच्चे कोडिंग, कंप्यूटेशनल थिंकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़ी पढ़ाई करेंगे। इसको शुरू करने से पहले शिक्षकों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से प्रशिक्षित किया जा रहा है।
एचसीएल फाउंडेशन के सहयोग से मंगलवार से एग्रीकल्चर प्रशिक्षण केंद्र, इंदिरा नगर में कार्यशाला की शुरुआत हुई। इसका उद्घाटन करते हुए एससीईआरटी की निदेशक डॉ. सरिता तिवारी ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शहरी व ग्रामीण शिक्षा के बीच का अंतर समाप्त करेगा। एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान ने कहा कि प्रदेश ने डिजिटल लिट्रेसी के क्षेत्र में मिसाल कायम की है। इसे कक्षा छह से आठ के पाठ्यक्रम में शामिल किया है। एचसीएल की ओर से जानकारी दी गई कि हरदोई से कोडिंग की शुरुआत की गई थी, इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इस अवसर पर मानवेंद्र, सुधा, प्रिया, उदिता, सोनाली, योगेश कुमार आदि उपस्थित थे।
अखिलेश का आरोप, बिना स्वेटर ठिठुर रहे हैं बच्चे
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ठंड का प्रकोप चल रहा है और अस्पतालों में मरीजों की भीड़ है। न तो रैन बसेरा हैं और न ही ठंड से ठिठुरते बच्चों के लिए गर्म कपड़ों की व्यवस्था हुई है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हैं और लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है। रामपुर के अस्पताल में मरीजों के इलाज के नाम पर मजाक हो रहा है। वहां मरीजों के ऊपर चूहे दौड़ रहे हैं।
अखिलेश ने कहा कि ठंड में बिना स्वेटर परिषदीय विद्यालयों के बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। बच्चों को मिलने वाली ड्रेस, जूता-मोजा और स्वेटर की गुणवत्ता में भी धांधली की जा रही है। सपा प्रमुख ने आरोपों का सिलसिला जारी करते हुए कहा कि समाजवादी सरकार में 108 और 102 एम्बूलेंस सेवा शुरू की गई थी जिसे भाजपा सरकार ने बर्बादकर दिया है और डॉक्टरों तथा पैरा मेडिकल स्टाफ के अभाव में मरीज मर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के दो कार्यकाल में एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं बना। समाजवादी सरकार के समय कैंसर अस्पताल बना था जो अव्यवस्था का शिकार हो गया।
