
UP Chunav Result 2024
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भारतीय जनता पार्टी के लिए लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन की कसौटी भी इस बार सवालों में है। वजह, पार्टी के न तो नए प्रत्याशी उम्मीद के हिसाब से नतीजे दे पाए और न ही वे पुराने सांसद जिन पर एक बार फिर भरोसा जताया गया था।
दोनों का ही नए प्रत्याशियों की सफलता दर 50 फीसदी तक सीमित रही तो पुराने आजमाए चेहरो की सफलता दर 41.50 फीसदी पर अटक गई। भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा की 80 सीटों में 75 पर चुनाव लड़ा। बाकी पांच सीटें सहयोगी दलों को दी गई थी।
पार्टी ने चुनाव में जिन 22 नए चेहरों को टिकट दिया था, उनमें से केवल 11 ही जीत सके। बाकी प्रत्याशियों को शिकस्त का सामना करना पड़ा। वहीं जिन पुराने 53 नेताओं पर भाजपा ने भरोसा जताया था, उनमें से 22 को ही चुनाव में फतह मिल सकी।
विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा के नए व पुराने प्रत्याशियों की हार-जीत की दर बताती है कि प्रत्याशी चयन की कसौटी भी सही नहीं थी। ये नतीजे ये भी बताते हैं कि कई स्तर पर कराए गए सर्वे, पार्टी स्तर से लिए जाने वाले फीडबैक को भी कहीं न कहीं नजरंदाज किया गया। भाजपा के अपेक्षित नतीजे आने के पीछे यह भी बड़ा कारण है।
