
PM Modi Varanasi Visit
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अब जब रविवार को एनडीए गठबंधन के नेता नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री की शपथ लेने जा रहे हैं, ऐसे में यह बात तय है कि केंद्र सरकार में इस बार अयोध्या मंडल से कोई भी सांसद मंत्रिमंडल में नहीं रहेगा। वजह भी खास है, वीआइपी मंडल में शुमार अयोध्या की पांचों सीटों पर भाजपा के प्रत्याशियों को शिकस्त मिली है।
वहीं, 2024 में मिली जीत के बाद सियासी तौर पर कमजोर विपक्षी दल एक बार फिर फार्म में आने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। बात अगर 2019 की करें तो अयोध्या मंडल की अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, बाराबंकी सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। एक अंबेडकर नगर सीट से बसपा के रितेश पांडेय ने जीत दर्ज की थी।
ऐसे में वर्ष 2019 में वीआईपी सीट में शुमार अमेठी से कांग्रेस के राहुल गांधी को 55 हजार 120 वोटों से हराने वाली स्मृति जूबिन इरानी को केंद्र सरकार में महिला एवं बाल विकास विभाग का मंत्री बनाया गया था। इससे पहले भी वर्ष 2014 में राहुल गांधी से चुनाव हारने के बाद भी स्मृति जूबिन इरानी को केंद्र सरकार ने मंत्री बनाया था। उस वक्त सुल्तानपुर सांसद रही मेनका गांधी भी सरकार में मंत्री थी।
इस बार सियासी परिदृश्य बदला हुआ है। अयोध्या मंडल की पांचों सीटों पर भाजपा को शिकस्त मिली है। मंडल में इस बार अयोध्या से सपा के अवधेश प्रसाद, सुल्तानपुर से सपा के राम भुआल निषाद व अंबेडकर नगर से सपा के लालजी वर्मा ने जीत दर्ज की है।
