
UP Chunav Result 2024
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लोकसभा चुनाव में फैजाबाद (अयोध्या) सीट की हार भाजपा को बहुत गहरे तक चोट दे गई है। इसे एक सामान्य सीट की हार के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसे भाजपा के प्रतीकों के प्रयोग की बड़ी विफलता के रूप में देखा जा रहा है। हार के और भी कई कारण गिनाए जा रहे हैं, जिसमें स्थानीय मुद्दों पर सांसद लल्लू सिंह की निष्क्रियता और संविधान संशोधन को लेकर दिया गया उनका बयान प्रमुख हैं।
दरअसल, भाजपा 2024 का चुनाव ही अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को केंद्र में रखकर लड़ रही थी। दलितों को साधने के लिए एयरपोर्ट का नामकरण महर्षि वाल्मीकि के नाम पर किया गया। प्रदेश व केंद्र सरकार ने अयोध्या में तमाम विकास के काम कराए। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा भी चुनाव से ठीक पहले हुई।
इसके बावजूद भाजपा फैजाबाद की ही सीट हार गई। लोग हैरान हैं कि आखिर भाजपा फैजाबाद कैसे हार गई? जानकार बताते हैं कि अयोध्या में भाजपा की स्थिति पिछले करीब तीन साल से कमजोर हो रही थी। 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अयोध्या जिले की दो विधानसभा सीटें गवां दी थीं।
गोसाईंगंज और मिल्कीपुर पर सपा ने कब्जा कर लिया। जबकि 2017 और 2019 में भाजपा को इन सीटों पर जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा राम मंदिर के निर्माण पर केंद्रित हो गई और सपा अंदरखाने अयोध्या लोकसभा सीट को फतह करने की तैयारी में जुटी रही। भाजपा ने उसे गंभीरता से नहीं लिया।
