
भारी वाहन खरीदने के बदले नियम।
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व्यावसायिक वाहन स्वामी परिवहन विभाग का टैक्स दबाए बैठे हैं। सैकडों करोड़ रुपये का टैक्स नोटिसों के बावजूद नहीं चुका रहे हैं। ऐसे में उनसे वसूली के लिए विभाग ने प्लान तैयार किया है। साढ़े सात टन तक भार वाले व्यावसायिक वाहनों से निजी वाहनों की तरह वनटाइम टैक्स वसूला जाएगा।
इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। इस पर विभागीय अधिकारियों ने मुख्य सचिव के सामने प्रजेंटेशन भी दिया है। जल्द ही अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। यह व्यवस्था लागू होने पर वाहनों से त्रैमासिक, अर्धवार्षिक व वार्षिक टैक्स जमा करवाने का झंझट खत्म हो जाएगा। इतना ही नहीं विभाग वनटाइम टैक्स चुकाने वाले व्यावसायिक वाहन स्वामियों को सुविधा भी देगा। इसके तहत एक साथ टैक्स का भुगतान करने पर उन्हें कुल टैक्स का 75% ही जमा करना होगा। 25% की छूट मिलेगी।
योजना में यह वाहन हैं शामिल
मसलन, इतना ही नहीं वाहन का परमिट दस साल का होने के चलते टैक्स भी सिर्फ 10 साल तक के लिए ही चुकाना होगा। अधिकारियों ने बताया कि साढ़े सात टन तक के भार वाले और यात्री वाहनों में टाटा एस, मिनी ट्रक, छोटी कारें, ऑटो, टेम्पो, ई रिक्शा से भी एक मुफ्त टैक्स ही वसूल करने की विभाग की योजना है। साथ ही ऐसे पुराने व्यावसायिक वाहन जो सड़क पर संचालित हो रहे हैं, उन्हें भी अब अपना बकाया टैक्स एक साथ जमा करना पड़ेगा। अभी तक ऐसे वाहन स्वामियों को तिमाही, छमाही या फिर सालाना टैक्स जमा करना होता था। अपर परिवहन आयुक्त(प्रवर्तन) एके सिंह का कहना है कि विभाग की ओर से शासन को साढ़े सात टन तक की क्षमता वाले व्यावसायिक वाहनों से वनटाइम टैक्स वसूल का प्रस्ताव भेजा गया था। मुख्य सचिव के सामने इसका प्रेजेंटेशन हो चुका है। अब जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी हो जाएगी और व्यावसायिक माल वाहनों और यात्री वाहनों से एकमुश्त टैक्स जमा कराया जाएगा।
