कांग्रेस ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। बूथवार मतदाताओं को जोड़ने, पुराने कांग्रेसियों को जगानों, जनता के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करने के लिए 100 दिवसीय अभियान चलेगा। यह फैसला लिया गया शनिवार को लखनऊ के गांधी भवन में आयोजित संगठन सृजन कार्यशाला में।
कांग्रेस का संगठन सृजन कार्यशाला कई मामले में अहम रही। लंबे समय बाद राष्ट्रीय, प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों और विभिन्न जिलों व शहरों से आए कांग्रेस नेता एक जाजम पर बैठे नजर आए। मंच पर उसे ही चढ़ने दिया गया, जिसे संबोधन के लिए बुलाया गया। दलितों और पिछड़ों के मुद्दों को कांग्रेस ने अपनी प्राथमिकता बताई। बदली परिस्थितियों को देखते हुए विभिन्न जिलों से आए कांग्रेस के नेता उत्साहित नजर आए। उनके चेहरे पर इस बात की खुशी थी कि कांग्रेस एक बार फिर नए सिरे से सृजित होने को तैयार है। उद्घाटन के दौरान महात्मा गांधी के साथ डा. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर रखी गई। वंदे मातरम के साथ जयभीम और डा. आंबेडकर के नारे लगे। पाकिस्तान संघर्ष में शहीद हुए सैनिकों के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
वक्ताओं ने संकल्प दिलाया कि 2027 में प्रदेश में सरकार बनाने के लिए संघर्ष किया जाएगा। संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करेंगे। हर जिले में पार्टी का वार रूम बनेगा। जातीय जनगणना के मुद्दे पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का आभार जताया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का वीडियो संदेश सुनाया गया। कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल से संबंधित लघु फिल्म दिखाई गई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग के चेयरमैन डॉ अनिल जयहिन्द ने सामाजिक न्याय पर आधारित तेलंगाना मॉडल को विकास का सर्वोत्तम मॉडल बताया। मौके पर कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना, पवन खेड़ा, सांसद शशिकांत सेंथिल, सुप्रिया श्रीनेत, अलका लांबा, सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, वरूण चौधरी, धीरज गुर्जर, राजेश तिवारी, सत्यनारायण पटेल, नीलांशू चतुर्वेदी, तौकीर आलम, प्रदीप नरवाल, वीरेन्द्र चौधरी, अनिल यादव, मनोज यादव आदि ने संबोधित किया।