ट्रोजन और एसएमएस फार्वर्ड आधारित एपीके फाइल भेजकर बैंक खातों से 42 लाख 50 हजार की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सरगना के साथ शातिर साइबर अपराधियों को झारखंड के धनबाद से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शमीम अंसारी, फकरुद्दीन उर्फ निरंजन, नसीम अंसारी, शाहबुद्दीन अंसारी और साहब लाल मरांडी धनबाद, झारखंड के रूप में हुई।
आरोपियों के पास से साइबर ठगी में इस्तेमाल सामग्री, एक बिना नंबर की चार पहिया गाड़ी और 66 हजार रुपये मिले। गिरोह ग्राम प्रधान के फर्जी लेटर पैड, मुहर और आधार अपडेट फॉर्म के जरिये पते बदलवाकर बैंक खाते खुलवाता था। फिर फ्रॉड की रकम उसमें ट्रांसफर कर बाद में निकाल लेते थे। पीड़ित मदन मोहन मिश्रा निवासी तिवारीपुर, चौबेपुर ने 8 दिसंबर 2025 को साइबर क्राइम थाने में तहरीर दी थी।
इसे भी पढ़ें; Exclusive: 235 साल बाद प्रदेश के पहले राजकीय इंटर कॉलेज में जुलाई से अंग्रेजी माध्यम में होगी पढ़ाई, जानें- खास
पूछताछ में आरोपियों ने बताई ये बात
आरोप था कि उनके बैंक खाते को हैक कर 42.50 लाख रुपये निकाल लिए गए। मामले में बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहले ट्रोजन और एसएमएस फार्वर्ड आधारित एपीके फाइल भेजते थे। इसे इंस्टॉल करते ही मोबाइल का पूरा एक्सेस उनके हाथों में आ जाता था। वह इंटरनेट बैंकिंग की आईडी, पासवर्ड और ओटीपी चुरा कर खातों से रकम म्यूल खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। फिर बाद में रुपये निकाल लेते थे।